शनिवार, 9 मई 2015

माँ

माँ जीवन की पहली पाठशाला है ओ अपने स्नेह , आशीर्वाद और संस्कार से जीवन की नीव रखती है स्वतन्त्रा संग्राम दौर को देखे तो शहीदों की माँओ के दर्शन होंगे  जिनकी कोख से क्रांति ने जन्म लिया ।
देश भक्ति और बलिदान के जज्बे से ओतप्रोत मांओ की सिख से वीर सपूतो ने न केवल गुलामी के बेड़िया तोड़ने के लिए हंसते हंसाते अपने प्राणों की आहुति दे दी और आधुनिक भारत निर्माण ने ठोस नीव रखी
सभी माताओ को चरण स्पर्श एवं मातु दिवस की हार्दिक शुभकामनए
रजनीश तिवारी
राष्टीय विकलांग अधिकार एवं कर्तव्य मंच
मध्यप्रदेश अध्यक्ष
9826938995
rajnishtiwari104@gmail.com

शुक्रवार, 8 मई 2015

अँधा कानून

सामान्य भारतीय के लिए भारत का कोई भी सरकारी विभाग शाम को 5 बजे बंद हो जाता हैं। अदालत में तो आम आदमी की मर्जी की कोई जगह होती ही नही। लेकिन आज सलमान खान के लिए शाम 7.30 बजे तक अदालत चालू रही पुलिस बेठी रही। एक ही दिन में सब हो गया। मेरा विरोध सलमान खान से नही हैं। विरोध उस सरकारी व्यवस्था से हैं। जो एक गरीब और अमीर के बीच अंतर पैदा करती हैं।
सलमान खान को सजा होने पर मीडिया ने 13 मिनटों में बता दिया की...
1 सजा सुन सलमान रो पड़े
2 सलमान की माँ बेहोश हो गई
3 सलमान के बहन और भाई रुआंसे हो गए
4 सलमान की सजा पर फ़िल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों की क्या प्रतिक्रिया है
5 सलमान के जेल जाने से किस निर्देशक निर्माता को कितना नुकसान होगा.....आदि...आदि...

लेकिन पुरे 13 सालों में वो ये नहीं खोज पाया की...
1 मरने वाले लोग कौन थे,कहाँ से थे
2 उनकी माएँ जिन्दा बची या मर गई
3 उनके भाई बहनो के मन में मरने वालों की कोई याद बची है या वो भी मर गई
4 उनके बीवी बच्चे किन कठिनाइयों का सामना करते हुए दिन गुजार रहे है
5 आजादी के 67 सालों के बाद भी लोग फुटपाथ पर रात गुजारने को क्यों विवश है

क्या मीडिया इतनी सतही पत्रकारिता करने के बदले
समाज से विशेष सम्मान.सुविधाएं और संरक्षण चाहता है ?

धिक्कार् है आज की पत्रकारिता पर...

समय

जिंदगी में कभी न कभी लोग असफल होते है उस समय मुझे कुछ न कुछ प्रयोग करना चाइए अपने अस पस के नामी गिरामी लोगो के बारे में सोचो उनसे जान सकते की ओ कब असफल हुए और उसके बाद क्या किया
उनके उत्तर आप के जीवन का सबसे बड़ा सन्देश बन जाता है जैसे असफलता हाथ लगती है नुकसान और निराशा एक साथ काम करती है उसी समय सिख प्रेरणा और धैर्य का साथ पकड़ लेनी चाइए निरशा पर टीके तो अगली सफलता खो देगे
असफल होने पर हमारे ही भीतर एक तव्त् है जो बहुत खुश होता है वह है मन मन जनता है की असफल व्यक्ति चिंता में डूबेगा उस क्षण में आचरण में परिश्रम करे व्यवहार में शांति रखे अपने शरीर से हटकर मन पर कम करे  जितना मन शून्य करेगे उतने ही उलटे सीधे विचार कम आयगे आपके जीवन के प्रति दृस्टि स्पष्ट हो

गुरुवार, 7 मई 2015

चर्चित अभिनेता

सलमान खान को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया गया तो बड़ी खबर बनती है इसमे हैरानी की कोई बात नहीं
इसमें जो बात ज्यादा की चर्चा होनी चाइए थी बो गायब है बे कौन लोग थे जो उस रात फूटपाथ पर सोए थे उन पर क्या बीति 13 साल में इनका परिवार की जिंदगी कैसे काटी
पर उनका जीवन क्या बदल गया किसी ने यह जानने की कोशिस नहीं की
कुछ गंभीर मुद्दा सिरे से गायब है सार्वजनिक चर्चा के स्तर के बरे में गंभीर सवाल उठता है

बुधवार, 6 मई 2015

माँ

अक्सर देखा है
पुरुष कवि होते है
दार्शनिक होते है
फ़िल्मकार होते है
चित्रकार होते है
बहुत बेचैन है
कुछ रचने के लिए
क्योकि वह कभी
जीवन नहीं रच सकता
क्योकि वह कभी
माँ नहीं बन सकती

क्याभूले आँचल माँ का
धूप भी शबनम हित्ती थी
सिर शाहलती जो ममता से
ओ हथेलिया रेशम होती थी
भूखी रह रहती तुम
जब रोटिया कम होती थी
होते जब नजरो से ओझल
फिर सांसे बेदम होती थी
क्या ओ दिन थे
जब माँ थी
मस्त फिजा हरदम
होती थी

मंगलवार, 5 मई 2015

घटिया ट्रायसिकल

लंबे इंतजार के बाद मिले विकलांगो को ट्रीसिकल की खुसी थोड़ी देर भी नहीं रह सकीं जैसे ही साइकल चलने की कोसिस की तो साइकल के पार्ट्स टूटना चालू हो गए  सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दशहरा मैदान  में आयोजित शिविर में निःशक्तों को ट्रेसिकले और सहायक उपकरण बंटे गये इसके साथ भोजन भी पर ओ भी घटिया क्वालिटी 

तिन तिन मंत्री के सामने शिविर के ये हालात है तो सोच साकते है की देश में विकलांगो की क्या हालात होगी

जिस प्रदेश में निःशक्तजन आयुक्त को  अपने मानदेय के लिए शासन को कई पत्र लिखे  पर सुनवाई नहीं हुई

मध्यप्रदेश शासन के राज्य शासन के  सचिव समकक्ष आयुक्त होने के बाद भी उनको पर्याप्त संसाधन स्टाफ मूक बधिर साइन भाषा जानने वाले नहीं

तो सोचो विकलांगो को क्या सुभिदा या लाभ दिया जा रहा होगा
जो भी है कागजी घोड़े है

खुद भी दे आदेश

भगवान उसका साथ देते है जो अपना हाथ पाउ चलता है
भगवान जिसे नष्ट करता है उसे क्रोधी बना देता है
एक पल बुरा था तो पूरा समय बुरा नहीं होगा
धन दौलत कुछ ही समय हमरे साथ रहते है पर हमरा व्यक्तित्व हमेशा साथ रहता है
किसी पेड़ का आंकलन फलों से करे पत्ते सा नहीं
घटनाय समय पर हो कर  रहती है उस पर दुःख या नाराज नहीं उस पे शिख ले और खुश् रहे