रजनीश तिवारी राष्टीय विकलांग अधिकार एवं कर्तव्य मंच प्रदेश अध्यक्ष 9926938995 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
रजनीश तिवारी राष्टीय विकलांग अधिकार एवं कर्तव्य मंच प्रदेश अध्यक्ष 9926938995 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 27 मई 2015

विरोध करते है सरकार की

सेवा में

श्रीमान थावर चंद गहलोत जी
केंद्रीय न्याय एवं अधिकारिता मंत्री
भारत सरकार

महोदय
कल एक खबर पढ़ने को मिली सरकार 18 विभिन्न प्रकार की बीमारियो को विकलांगता की श्रेणी में शामिल करने जा रही हैं पढ़ कर कुछ अजीब सा लगा की ये क्या हो रहा हैं क्या विकलांग जनो की नीति बनाने वाले वास्तव में विकलांगो का भला चाह रहे या ये कोई बड़ी साजिश हैं  विकलांग अधिकार अधिनियम 2014 पर ससंद की स्थाई समिति ने अपनी रिपोर्ट 7 मई को पटल पर रखा हैं जिसमे विकलांगता का दायरा बढ़ाने की सिफारिश की गयी हैं जोकि सरासर गलत असंवैधानिक हैं किसी बीमार व्यक्ति को विकलांग का दर्जा कैसे दे सकते हैं बीमारी विकलांगता से बिल्कुल भिन्न परिभाषा लिए हुए एक अस्थाई शब्द हैं जबकि विकलांगता एक व्यापक शब्द हैं साथियो ये एक बड़ी साजिश हैं विकलांग जनो के हक की लड़ाई को चोट पहुचाने के लिए हम समानता की बात करते हैं हम राजनैतिक हक की बात करते हैं हम शारीरिक चुनौती के बावजूद दुनिया में कुछ कर गुजरने का जज्बा रखते हैं दैनिक दिनचर्या से उपजी बीमारी को विकलांगता का नाम देकर पुरे विकलांग वर्ग को अपमानित करने का काम उनके हक अधिकार को बाटने की साजिश हैं जिनको बीमारी हैं उन्हें अच्छा इलाज उपलब्ध हो बीमारी से निदान कैसे मिले इस पर चर्चा हो न की उन्हें विकलांगता की श्रेणी में शामिल कर दिया जाय आज 19 तरह की वीमारी का प्रस्ताव हैं कल खाँसी जुकाम बुखार को भी विकलांगता की श्रेणि में जोड़ा जायेगा फिर सुबह देर से उठने वाले देर रात तक जगने वाले चाय में 1 चम्मच कम चीनी लेने वाले कम नमक खाने वालो को भी विकलांग श्रेणी में शामिल होंगे और जिन्हें वास्तव में विकलांग की श्रेणी में होना चाहिए वो किनारे पड़े होंगे सरकारी नीतिया प्रस्ताव किस तरह बनाये जाते हैं ये एक बड़ा सवाल हैं "वो बीमार हैं विकलांग नही हम विकलांग हैं बीमार नही" महोदय इस प्रस्ताव को विधेयक में शामिल नही किया जाना चाहिये आप से निवेदन हैं कृपया इस प्रस्ताव को विधेयक में शामिल होने से रोके आप से बहुत उम्मीद हैं

रजनीश तिवारी
मध्यप्रदेश अध्यक्ष
राष्टीय विकलांग अधिकार एवं कर्तव्य मंच
9826938995

विरोध करे
09313181955
09425091516
mptcgeholat@gmail.com
tc.geholat@sansad.nic.in

रविवार, 24 मई 2015

पानीं नहीं मिलने से ट्रेन यात्री की मौत

यह भारत है make in india
सकुर पहाड़िया 38 साल झारखंड फरक्का एक्सप्रेस्स जनरल बोगी से सफर कर रहे थे प्यास लगी और तड़पने लगा बोगी में किसी के पास पानी नहीं मिला जौन पुर स्टेशन पर पानी लेने उतरा पर पानी नहीं मिला और ट्रेन चल दी वह दौड़ा  पर गिरकर बेहोश हो  गया पानी मुंह  पर छिड़का गया लेकिन ओ होश में नहीं आया

बुधवार, 20 मई 2015

सांसद/विद्यायक

सेवा में
श्रीमान
सांसद/विधायक महोदय
जनपद________________

मान्यवर
सादर अभिवादन
महोदय हम आपका ध्यान देश की आबादी का 10 % से भी ज्यादा पर उपेक्षित वर्ग विकलांग जनो की ओर दिलाना चाहते हैं महोदय आज देश में विकलांग जन समानता के अधिकार और अपने हक के लिये दिन रात संघर्ष कर रहे हमारे संगठन राष्ट्रीय विकलांग अधिकार एवं कर्तव्य मंच द्वारा दिनाँक 1 मई से 20 मई तक माननीय प्रधानमंत्री जी को पोस्टकार्ड भेजकर अपनी प्रमुख 3 मांगो से अवगत कराया गया इस क्रम में करीब 1 लाख 25 हजार पोस्टकार्ड पुरे देश से भेजे गए महोदय अब आंदोलन के दूसरे चरण में आप माननीय प्रतिनिधि जन को  अपनी 3 प्रमुख मांग से अवगत कराते हुए अनुरोध करते हैं की हमारी निम्न मांग को देश/प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत में उठाने की कृपा करे
1 देश/प्रदेश में सशक्त विकलांग आयोग का गठन किया जाय
2 विकलांग अधिकार अधिनियम 2014 तत्काल पारित किया जाय
3 विकलांग जनो को प्रत्येक क्षेत्र में निर्धारित आरक्षण दिया जाय
महोदय हमें आशा ही नही पूर्ण विश्वास हैं की आप हमारी मांग को समर्थन देते हुए इसे संसद/विधानसभा में रखकर हमारी मांग को बल देंगे
सादर धन्यवाद

भवदीय
नाम रजनीश तिवारी
पता
मोबाईल न0

गुरुवार, 14 मई 2015

npdrd बैठक

राष्ट्रीय विकलांग अधिकार एवं कर्तव्य मंच के प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन 6, 7, 8 Nov. को गुजरात राज्य के गांधी नगर में किया जायेगा इस अधिवेशन में NPDRD के राष्ट्रीय कार्यकारणी सभी प्रदेश कार्यकारणी जिला और ब्लाक कार्यकारणी के सभी पदाधिकारी और सदस्य सादर आमंत्रित होंगे

बुधवार, 13 मई 2015

विकलांगो का ऑनलाइन पंजीयन

मध्यप्रदेश शासन ने निशक्तजन को आरक्षण 6 % सभी को समुचित मिले उसके लिए व्यापम द्वारा ऑनलाइन पंजीयन किया जा रहा  इसमें आप सभी लोग पूरा साथ दे जिससे कोई भी निशक्त जन ना छूटे और शासन द्वारा जो भी योजना या लाभ दिया जा रहा उससे कोई छूटे न आप का साथ चाइये सभी को जोड़े
निःशक्त जनो को रोजगार के लिए ऑनलाइन पंजीय
मध्यप्रदेश में निःशक्त जनो को मुख्यधारा  में लाने के विशेष् प्रयास या एक नयी पहल

बुधवार, 6 मई 2015

माँ

अक्सर देखा है
पुरुष कवि होते है
दार्शनिक होते है
फ़िल्मकार होते है
चित्रकार होते है
बहुत बेचैन है
कुछ रचने के लिए
क्योकि वह कभी
जीवन नहीं रच सकता
क्योकि वह कभी
माँ नहीं बन सकती

क्याभूले आँचल माँ का
धूप भी शबनम हित्ती थी
सिर शाहलती जो ममता से
ओ हथेलिया रेशम होती थी
भूखी रह रहती तुम
जब रोटिया कम होती थी
होते जब नजरो से ओझल
फिर सांसे बेदम होती थी
क्या ओ दिन थे
जब माँ थी
मस्त फिजा हरदम
होती थी